Nifty Put Option Chart Analysis: पुट में नजर आई मजबूत रिकवरी

ज के दिए गए Nifty Put Option Chart को देखने पर इसमें काफी उतार-चढ़ाव के बावजूद एक महत्वपूर्ण बात नजर आती है—निचले स्तर से पुट ऑप्शन में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। चार्ट में जिस ऑप्शन को दिखाया गया है, वह NIFTY 01 SEP 26 P 2415000 है और यह 1 मिनट के टाइमफ्रेम पर दिखाई दे रहा है।

चार्ट के अनुसार इस समय पुट ऑप्शन लगभग ₹94 के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखाई दे रहा है। स्क्रीन पर इसमें लगभग ₹6.35 यानी 7.24% की बढ़त दिखाई गई है। यह पुट ऑप्शन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, खासकर तब जब इसमें पहले निचले स्तर से अच्छी वापसी देखने को मिली हो।

हालांकि ऑप्शन ट्रेडिंग में तेजी बहुत तेजी से बदल सकती है, इसलिए केवल एक चार्ट के आधार पर निश्चित भविष्यवाणी करना सही नहीं होगा। फिर भी मौजूदा चार्ट का तकनीकी व्यवहार पुट ऑप्शन में दिलचस्प मजबूती जरूर दिखाता है।

Nifty Put Option Chart
Nifty Put Option Chart

चार्ट में क्या दिखाई दे रहा है?

दिए गए चार्ट को बाएं से दाएं देखने पर पुट ऑप्शन ने कई बार तेजी और गिरावट का सामना किया है। शुरुआत में कीमत ऊंचे स्तरों के आसपास दिखाई देती है, जिसके बाद इसमें गिरावट आई और कुछ समय तक कीमत सीमित दायरे में कारोबार करती रही।

इसके बाद चार्ट में कई बार ऊपर जाने की कोशिश दिखाई देती है। एक समय कीमत लगभग ₹125–₹135 के क्षेत्र तक पहुंची, लेकिन वहां से फिर दबाव देखने को मिला।

इसके बाद पुट ऑप्शन में एक बड़ी गिरावट आई और कीमत लगभग ₹48–₹50 के आसपास के क्षेत्र तक पहुंचती दिखाई देती है। यही हिस्सा चार्ट का महत्वपूर्ण निचला क्षेत्र नजर आता है।

इसके बाद तस्वीर धीरे-धीरे बदलती है।

निचले स्तर से पुट ऑप्शन ने लगातार रिकवरी शुरू की और कीमत धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ती हुई दिखाई दी। इस रिकवरी के दौरान कई छोटे-बड़े पुलबैक आए, लेकिन कुल मिलाकर ऊपर की दिशा में गति बनी रही।

निचले स्तर से शानदार रिकवरी

इस चार्ट की सबसे सकारात्मक बात ₹48–₹50 के आसपास के स्तर से हुई रिकवरी है। यहां से ऑप्शन की कीमत धीरे-धीरे ऊपर बढ़ी और बाद में इसमें तेज गति भी दिखाई दी।

रिकवरी के दौरान कीमत ने लगभग ₹60, ₹75, ₹90 और फिर ₹100 के आसपास के क्षेत्रों को पार करने की कोशिश की। इसके बाद इसमें काफी तेज उछाल आया और कीमत लगभग ₹175–₹180 के आसपास तक पहुंचती दिखाई देती है।

इतनी बड़ी तेजी यह बताती है कि इस ऑप्शन में किसी समय खरीदारी की मजबूत दिलचस्पी बनी थी। हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली आने के बाद कीमत में तेज गिरावट भी दिखाई दी।

₹175 के बाद आई गिरावट और फिर वापसी

चार्ट में सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक ₹175–₹180 के आसपास पहुंचने के बाद आई तेज गिरावट है।

ऊपरी स्तर से कीमत तेजी से नीचे आई और लगभग ₹75 के आसपास तक गिरती दिखाई दी। इतनी तेज गिरावट से यह साफ होता है कि इस ऑप्शन में वोलैटिलिटी काफी अधिक है।

लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि ₹75 के आसपास आने के बाद कीमत ने फिर से संभलने की कोशिश की और वापस लगभग ₹94 के स्तर तक पहुंची।

यानी निचले स्तरों पर खरीदारों की सक्रियता देखने को मिली। अगर आगे भी यह रिकवरी बनी रहती है, तो चार्ट में फिर से ऊपर के स्तरों की तरफ जाने की संभावना बन सकती है। यह केवल तकनीकी संभावना है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

₹94 का स्तर क्यों महत्वपूर्ण है?

मौजूदा स्क्रीनशॉट में पुट ऑप्शन की कीमत लगभग ₹94 दिखाई दे रही है। इसलिए ₹94 का वर्तमान स्तर आगे के कारोबार में ध्यान देने योग्य रहेगा।

अगर कीमत इस क्षेत्र के ऊपर टिकने में सफल होती है और खरीदारी का दबाव बना रहता है, तो आगे ₹100 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बढ़ने की कोशिश देखी जा सकती है।

इसके ऊपर मजबूती आने पर पिछले छोटे रेजिस्टेंस क्षेत्रों की तरफ भी ध्यान जा सकता है। लेकिन यदि कीमत ₹94 के आसपास टिक नहीं पाती और फिर नीचे आने लगती है, तो छोटे टाइमफ्रेम पर कमजोरी दोबारा दिखाई दे सकती है।

इसलिए केवल कीमत बढ़ रही है देखकर ट्रेड लेना उचित नहीं होगा। कीमत के साथ वॉल्यूम, Nifty 50 की दिशा और सपोर्ट-रेजिस्टेंस को भी देखना जरूरी है।

पुट ऑप्शन में सकारात्मक संकेत

दिए गए चार्ट से कुछ सकारात्मक बिंदु सामने आते हैं:

  • पुट ऑप्शन में लगभग 7.24% की बढ़त दिखाई दे रही है।
  • ₹48–₹50 के क्षेत्र से मजबूत रिकवरी हुई।
  • ₹75 के आसपास गिरने के बाद फिर से खरीदारी दिखाई दी।
  • चार्ट में पहले ₹175 के आसपास तक तेज उछाल देखने को मिला।
  • वर्तमान कीमत ₹94 के आसपास है और निचले स्तर से रिकवरी बनी हुई है।
  • ऑप्शन में अच्छी वोलैटिलिटी है, जिससे छोटे समय में बड़े मूव देखने को मिल सकते हैं।

इन संकेतों को मिलाकर देखा जाए तो चार्ट पूरी तरह कमजोर नजर नहीं आ रहा है। इसमें रिकवरी और खरीदारी की संभावित ताकत दिखाई देती है।

आगे किन स्तरों पर नजर रखें?

ट्रेडर्स के लिए सबसे जरूरी काम महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखना है। मौजूदा चार्ट के आधार पर लगभग ₹75–₹80 का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन की तरह देखा जा सकता है, जबकि ₹94–₹100 के आसपास का क्षेत्र निकट अवधि में महत्वपूर्ण रहेगा।

अगर ₹100 के ऊपर अच्छी मजबूती आती है तो बाजार में सकारात्मक धारणा और मजबूत हो सकती है। इसके बाद चार्ट में ऊपर के पिछले स्विंग क्षेत्रों पर नजर रखी जा सकती है।

दूसरी तरफ ₹75 के नीचे कमजोरी बढ़ती है तो रिकवरी का ढांचा कमजोर हो सकता है।

यह स्तर केवल चार्ट आधारित अध्ययन के लिए हैं। वास्तविक ट्रेडिंग निर्णय लेने से पहले Nifty 50 के मुख्य चार्ट, ऑप्शन चेन, वॉल्यूम, OI और बाजार की मौजूदा स्थिति को देखना जरूरी है।

Nifty Put Option में तेजी क्यों आ सकती है?

पुट ऑप्शन की कीमत में तेजी सामान्यतः तब देखने को मिल सकती है जब Nifty में कमजोरी आती है या बाजार में गिरावट की उम्मीद बढ़ती है। इसके अलावा ऑप्शन की कीमत पर Implied Volatility, समय, स्ट्राइक प्राइस और Nifty की स्पॉट कीमत का भी प्रभाव पड़ता है।

इसलिए केवल पुट ऑप्शन का चार्ट देखकर Nifty के निश्चित रूप से गिरने की बात नहीं कही जा सकती।

मौजूदा चार्ट का सकारात्मक पहलू यह है कि पुट ऑप्शन ने अपने निचले क्षेत्र से काफी अच्छी रिकवरी दिखाई है। अगर बाजार में आगे कोई नकारात्मक ट्रिगर आता है और Nifty दबाव में जाता है, तो इस तरह के Put Option में तेज मूव देखने को मिल सकता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर Nifty Put Option Chart Analysis में इस समय एक दिलचस्प और सकारात्मक तकनीकी तस्वीर दिखाई देती है। ₹48–₹50 के निचले क्षेत्र से शुरू हुई रिकवरी ने ऑप्शन को काफी ऊपर पहुंचाया और एक समय यह लगभग ₹175–₹180 के क्षेत्र तक गया।

इसके बाद तेज गिरावट के बावजूद ₹75 के आसपास से फिर रिकवरी देखने को मिली और मौजूदा चार्ट में कीमत लगभग ₹94 तथा करीब 7.24% की बढ़त पर दिखाई दे रही है।

इसलिए पुट ऑप्शन में फिलहाल रिकवरी की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में ₹94–₹100 का क्षेत्र और नीचे ₹75–₹80 का क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकता है। ₹100 के ऊपर मजबूती और ₹75 के नीचे कमजोरी को ट्रेडर्स विशेष रूप से मॉनिटर कर सकते हैं।

ध्यान रखें कि ऑप्शन ट्रेडिंग में जोखिम बहुत अधिक होता है और प्रीमियम कुछ ही समय में तेजी से बढ़ या घट सकता है। इसलिए किसी भी ट्रेड से पहले अपनी जोखिम क्षमता, Stop Loss और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

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